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बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ की मालिश दिन में कितनी बार करनी चाहिà¤?
शिशॠके अचà¥à¤›à¥‡ सà¥à¤µà¤¾à¤¸à¥à¤¥à¥à¤¯ के लिठमालिश करना आवशà¥à¤¯à¤• है। जानें दिन में कितनी बार मालिश करनी चाहिà¤à¥¤
बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ की मालिश दिन में कितनी बार करनी चाहिà¤?
शिशॠके पैदा होते ही मां को उसके सà¥à¤µà¤¾à¤¸à¥à¤¥à¥à¤¯ की चिंता सताने लगती है। शिशॠके अचà¥à¤›à¥‡ सà¥à¤µà¤¾à¤¸à¥à¤¥à¥à¤¯ के लिठउसकी मालिश करना होता है। मालिश करने से शिशॠकी हडà¥à¤¡à¤¿à¤¯à¤¾à¤‚ मजबूत होती हैं और अंगों का अचà¥à¤›à¤¾ विकास होता है। मालिश करने से मां और शिशॠके बीच रिशà¥à¤¤à¤¾ और गहरा होता है। मालिश करने के बाद बचà¥à¤šà¥‡ को अचà¥à¤›à¥‡ से नींद à¤à¥€ आती है। हम सà¤à¥€ जानते है कि शिशॠको मालिश करनी चाहिठलेकिन कà¥à¤¯à¤¾ आप ये जानते है कि आखिर शिशॠको दिन में कितनी बार मालिश करनी चाहिà¤à¥¤ आइठजानते हैं इसके बारे में।
कब शà¥à¤°à¥‚ करें मालिश?
शिशॠके जनà¥à¤® के कà¥à¤› हफà¥à¤¤à¥‹à¤‚ के बाद मालिश शà¥à¤°à¥‚ की जा सकती है। सà¥à¤•िन टू सà¥à¤•िन टच होने से परिवार और बचà¥à¤šà¥‡ के बीच à¤à¤• बॉनà¥à¤¡ à¤à¥€ पनपता है। मालिश की शà¥à¤°à¥à¤†à¤¤ में आप हलà¥à¤•े हाथों से बचà¥à¤šà¥‡ की कमर और पैरों पर तेल लगाà¤à¤‚। बचà¥à¤šà¤¾ अगर परेशान नहीं हो रहा है, तो ही मालिश के लिठआगे बढ़ें।कमर और पैरों की मालिश के बाद हाथों की मालिश करें। मालिश के लिठमौसम के अनà¥à¤¸à¤¾à¤° ही कपड़े और तेल चà¥à¤¨à¥‡à¤‚।
बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ की मालिश दिन में कितनी बार करनी चाहिà¤?
बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ की मालिश आप दिन में 2 से 3 बार कर सकते हैं, लेकिन मालिश करने के लिठआप बचà¥à¤šà¥‡ के मूड को à¤à¥€ समà¤à¤¨à¥‡ की कोशिश करें। अगर बचà¥à¤šà¤¾ मालिश करते समय रो नहीं रहा है, हाथ-पैरों को टाइट नहीं कर रहा है, तो आप उसकी मालिश जारी रख सकते हैं। अगर बचà¥à¤šà¤¾ बार-बार रो रहा है, हाथ पैरों को टाइट कर रहा है, तो बचà¥à¤šà¥‡ की मालिश करना बंद कर दें। धà¥à¤¯à¤¾à¤¨ रखें बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ को मालिश का सà¥à¤¥à¤¾à¤¨ à¤à¥€ मौसम के अनà¥à¤¸à¤¾à¤° चà¥à¤¨à¥‡à¤‚। सरà¥à¤¦à¥€ होने पर कमरे के अंदर ही मालिश करें, वहीं गरà¥à¤®à¥€ होने पर हलà¥à¤•ी में धूप में मालिश कर सकते हैं। धूप में मालिश करते समय इस बात का धà¥à¤¯à¤¾à¤¨ रखें कि बचà¥à¤šà¥‡ की आंख में सीधी धूप न पड़े।
मालिश कैसे करें
बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ की मालिश करते समय सबसे पहले अपने हाथ अचà¥à¤›à¥‡ से वॉश करें और नाखूनों को बहà¥à¤¤ छोटा रखें। हाथ में पहनी जाने वाली जà¥à¤µà¥ˆà¤²à¤°à¥€ को मालिश शà¥à¤°à¥‚ करने से पहले ही उतार दें। अब बचà¥à¤šà¥‡ को पीठके बल लिटाà¤à¤‚ और हलà¥à¤•े हाथों से उसकी पीठकी मालिश करें, पीठसे करते हà¥à¤ पैरों तक मालिश करें। अब बचà¥à¤šà¥‡ को सीधा करके उसके पैरों और à¤à¤¡à¤¼à¥€ तक मसाज करें। कंधों, बांह और सीने पर हाथों को गोल-गोल घà¥à¤®à¤¾à¤¤à¥‡ हà¥à¤ हलà¥à¤•े हाथों से मालिश करें। छाती और पेट पर तेल लगाते हà¥à¤ सावधानी बरतें। हाथों को बहà¥à¤¤ हलà¥à¤•ा ही रखें। आखिर में बचà¥â€à¤šà¥‡ की सिर की मालिश करें। मौसम के अनà¥à¤¸à¤¾à¤° और डॉकà¥à¤Ÿà¤° का परामरà¥à¤¶ पे ही मालिश के लिठतेल का चà¥à¤¨à¤¾à¤µ करें। धà¥à¤¯à¤¾à¤¨ दें बचà¥à¤šà¥‡ की मालिश शà¥à¤°à¥‚ करने से पहले आप घर में किसी बà¥à¤œà¥à¤°à¥à¤— महिला या सदसà¥â€à¤¯ की मदद ले सकते हैं।
बचà¥à¤šà¥‡ की मालिश करने के फायदे
मालिश करने से बचà¥à¤šà¥‡ के शरीर को काफी आराम मिलता है, जिस कारण मालिश करने से बचà¥à¤šà¤¾ गहरी नींद में आराम से सोता है।
मालिश करने से बचà¥à¤šà¥‡ का शारीरिक विकास अचà¥à¤›à¥‡ से होता है।
शिशॠकी मालिश करने से गैस व कबà¥à¤œ जैसी समसà¥à¤¯à¤¾à¤à¤‚ à¤à¥€ दूर होती हैं।
मालिश करने से बचà¥à¤šà¤¾ मां को उसके सà¥à¤ªà¤°à¥à¤¶ से पहचानने की कोशिश करता है।
मालिश करने से बचà¥à¤šà¥‡ का मूड अचà¥à¤›à¤¾ होता है।
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